दीक्षार्थियों ने मुनिदीक्षा के लिए परमपुज्य आचार्यश्री समयसागरजी महाराज से विनति कीमेरी भावना | Meri Bhavanaकेंद्रीय मंत्री शाह ने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र वाले 100 रुपये के सिक्के का किया विमोचनआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की याद में भोपाल में बनेगा स्मारकदुनिया को विद्यासागरजी की शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिएः भागवतसंत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी को प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलिआचार्यश्री को भावांजलिआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने समाधि लीअष्टान्हिका पर्व का महत्वसाधु जीवन दर्शन

मुनि श्री 108 क्षमासागर जी महाराज

मुनि श्री 108 क्षमासागर जी महाराज

दीप उनका, रौशनी उनकी, मै जल रहा हूँ |
रास्ते उनके, सहारा भी उनका, मै चल रहा हूँ |
प्राण उनके हर साँस उनकी, मै जी रहा हूँ |

* जैन धर्म में मन-शुद्धि और विचार-शुद्धि पर सर्वाधिक जोर दिया गया है|
* जैन धर्म मनुष्य को विकृति से प्रकृति और प्रकृति से संस्कृति की ओर ले जाता है|
* हम दूसरों की रोटी छीनकर खाए यह विकृति है|
* भूख लगने पर अपनी रोटी खाय यह प्रकृति है|
* किन्तु स्वयं भूखे रह कर दूसरों को अपनी रोटी दे देना, यह संस्कृति है|
* जहा तरलता थी – मै डूबता चला गया|
* जहा सरलता थी – मै झुकता चला गया|
* संबंधो ने मुझे जहा से छुआ – मै वही से पिघलता चला गया|
* सोचने को कोई काहे जो सोचे – पर यहाँ तो एक एहसास था – जो कभी हुआ, कभी न हुआ |

– मुनि श्री क्षमा सागर जी महाराज

सुने क्षमासागर जी महाराज के प्रवचन :

1. कर्म सिद्धांत

2. बारह व्रत

3. तत्वार्थ सूत्र

4. श्रम की आराधना

13 Comments

Click here to post a comment
  • muni kshama sagarji ke charan kamlo me mera sat sat naman. I pray to God for his good health.

प्रवचन वीडियो