दीक्षार्थियों ने मुनिदीक्षा के लिए परमपुज्य आचार्यश्री समयसागरजी महाराज से विनति कीमेरी भावना | Meri Bhavanaकेंद्रीय मंत्री शाह ने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र वाले 100 रुपये के सिक्के का किया विमोचनआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की याद में भोपाल में बनेगा स्मारकदुनिया को विद्यासागरजी की शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिएः भागवतसंत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी को प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलिआचार्यश्री को भावांजलिआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने समाधि लीअष्टान्हिका पर्व का महत्वसाधु जीवन दर्शन

गौशाला

गौशाला परिचय


गाय देश का

धर्मशास्त्र है, कृषिशास्त्र है

अर्थशास्त्र है, नीतिशास्त्र है।

उद्योगशास्त्र है, समाजशास्त्र है
विज्ञान्शास्त्र है, आरोग्यशास्त्र है।

पर्यावरणशास्त्र है, आध्यात्मशास्त्र है।


दाँतों तले तृण दाब कर दीन गायें कह रहीं,

हम पशु तुम हो मनुज पर योग्य क्या तुमको यही।

हमने तुम्हें माँ की तरह है दूध पीने को दिया।

देकर कसाई को हमें तुमने हमारा वध किया।

क्या वश हमारा है भला हम दीन हैं बलहीन हैं।

मारो कि पालो कुछ करो, तुम हम सदैव अधीन है।

प्रभु के यहाँ से सभी कदाचित आज हम असहाय हैं।

इससे अधिक अब क्या कहें हाँ हम तुम्हारी गाय है।

जारी रहा यदि यही क्रम यहाँ यों ही हमारे नाश का।

तो अस्त समझो सूर्य भारत भाग्य के आकाश का।

जो तनिक हरियाली रही वह भी नहीं रह पाएगी।

यह स्वर्णभूमि कभी मरघट ही बन जाएगी।

– मैथिलीशरण गुप्त


जो गाय अपनी स्वस्थ अवस्था में हमें अमृत समान दूध देती है, खेती के लिए बैल देती है, ईंधन के लिए गोबर देती है और जिसका मूत्र औषधियों में काम आता है, उसी गाय को लोग वृद्ध होने पर जंगल में छोड़ देते हैं, जहां से उसे कुछ लोग पकड़कर बूचड़खानों में कत्ल होने के लिए बेच देते हैं। कई बार ऐसी गायों को सीधे ही बूचड़खानों में भेजे जाने के लिए बेच दिया जाता है।

मानवीय आधार पर ऐसी गायों की देखभाल के लिए और उनका शेष जीवन भी शांतिपूर्वक गुजरे, इस भावना के साथ मुनिश्री विद्यासागरजी के मार्गदर्शन में गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इन गौशालाओं में उन गायों को रखा जाता है जो दूध नहीं देती और जिन्हें उनके मालिकों द्वारा छोड़ दिया जाता है या जिन्हें बूचड़खाने ले जाए जाने से बचाया जाता है। आप भी ऐसी गायों का जीवन बचाने में अपना सहयोग दे सकते हैं।


 

22 Comments

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  • gau mata ke dudh sam, bharat ka sahitya,
    sesh des ka kya kahe kahne me lalitya. >>>>> p.p. a. shri vidhyasagarji muni maharaj.

  • vidhyasagar.net says:
    July 8, 2010 at 9:15 am

    PLEASE NOTED AND ENTERED MY GAUSHALA IN KANPUR U.P MAHANAGAR IN LISTED
    ACHARYA VIDHYASAGAR GAUSHALA & MANAV UTHAN KENDRA
    BITTHORE, BAIKUNTHPUR- KANPUR U.P (INDIA)
    PLEASE NOTED IN YOUR GAUSHALA LIST . THAT TIME 125 COWS IN MY GAUSHALA AND NOT GIVEN MILK. I HAVE 88 BIGA JAMEEN .
    VIVEK KUMAR JAIN , AZAD KUMAR JAIN
    TRUTEE,CHAIRMAN OF
    ACARYA VIDHYASAGAR FOUNDATION TTRUST
    KANPUR-U.P
    MOB- 09415129005

  • mai go hinsa ke viruddh ek upanyaas likh raha hoo. usakaasheershak hai-”devnaar ke daanav” usame aapke chintaan ka bhi samavesh zaroor karoonga.

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