दीक्षार्थियों ने मुनिदीक्षा के लिए परमपुज्य आचार्यश्री समयसागरजी महाराज से विनति कीमेरी भावना | Meri Bhavanaकेंद्रीय मंत्री शाह ने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र वाले 100 रुपये के सिक्के का किया विमोचनआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की याद में भोपाल में बनेगा स्मारकदुनिया को विद्यासागरजी की शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिएः भागवतसंत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी को प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलिआचार्यश्री को भावांजलिआचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने समाधि लीअष्टान्हिका पर्व का महत्वसाधु जीवन दर्शन

पार्श्वनाथ भगवान

आरती संग्रह


पार्श्वनाथ भगवान

मैं तो आरती ऊतारूँ रे, पारस प्रभुजी की,
जय-जय पारस प्रभु जय-जय नाथ॥
बड़ी ममता माया दुलार प्रभुजी चरणों में
बड़ी करुणा है, बड़ा प्यार प्रभुजी की आँखों में,
गीत गाऊँ झूम-झूम, झम-झमा झम झूम-झूम,
भक्ति निहारूँ रे, ओ प्यारा-प्यारा जीवन सुधारूँ रे।
मैं तो आरती ऊतारूँ रे… ॥
सदा होती है जय जयकार प्रभुजी के मंदिर में … (२)
नित साजों की होर झंकार प्रभुजी के मंदिर में … (२)
नृत्य करूँ, गीत गाऊँ, प्रेम सहित भक्ति करूँ,
कर्म जलाऊँ रे, ओ मैं तो कर्म जलाऊँ रे,
मैं तो आरती ऊतारूँ रे, पारस प्रभुजी की॥

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