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शिक्षा पद्धति

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रवचन
आचार्यश्री जी ने प्रवचन में भव्य जीवों को संबोधित हुआ कहा कि- आज की शिक्षा पद्धति व्यवसाय बन चुका है, आज शिक्षा के साथ साथ अनुभव नहीं है। सारी पढ़ाई लिखाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलती क्योंकि डिग्री तो मिल जाती है लेकिन अनुभव नहीं मिलता। यह सब हमारे देश में पाश्चात्य शिक्षा का प्रभाव है। विदेशी कभी भारत का भला नहीं कर सकता। आज इतिहास को स्कूलों में लीपा-पोती करके पढ़ाया जाता है, हमारा पुराना इतिहास उठा कर देखो। यदि भारत को समृद्ध बनाना है तो आगे नहीं बल्कि पीछे लौटना होगा अपनी संस्कृति अपनी मर्यादा के तरफ। आज अंडे को शाकाहार और दूध को मांसाहार बताया जा रहा है। आज संस्कार हीन संतान के कारण माता पिता का कुछ काम नहीं होने वाला। अपने बच्चों को नेता साहूकारी, व्यापारी बनाओ ताकि वें लोगों को रोजगार दे सके। साथ ही अनेक विषयों पर आचार्य श्री ने स्वर्णिम भारत की कल्पना की है।

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भाग : 1 = 10:59 मिनिट

भाग : 2 = 12:42 मिनिट

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