समय सागर जी महाराज कुण्डलपुर (दमोह) में हैं।सुधासागर जी महाराज बिजोलिया (राजस्थान) में हैंयोगसागर जी महाराज (ससंघ) छिंदवाड़ा में हैं...मुनिश्री प्रमाणसागरजी महाराज नेमावर में हैं... आचार्यश्री की जानकारी अब Facebook पर Youtube - आचार्यश्री विद्यासागरजी के प्रवचन देखिए Youtube पर आचार्यश्री के वॉलपेपर Android पर शाकाहारी रेस्टोरेंट Android पर दिगंबर जैन टेम्पल/धर्मशाला Android पर देश और विदेश के जैन मंदिरों एवं जिनालय की जानकारी के लिए www.jaintemple.in विजिट करें

भाग्योदय तीर्थ अस्पताल : सागर (म.प्र.)

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”पीड़ित मानव की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।” इसी उक्ति को ध्यान में रखकर इस युग के संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की साक्षात मौजूदगी में पाँच वर्ष पूर्व हम सबने मिलकर भाग्योदय तीर्थ रूपी एक पौधा रौंपा। हमारे साथ कितने जाने-अनजाने लोगों ने इसे अपने तन-मन और धन से सींचकर बड़ा किया और आज यह मानव सेवा में लगा है। हमने बहुत कुछ किया है लेकिन बहुत कुछ बाकी है। उसके अनंत यात्रा को जारी रखने के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है।

वर्तमान में सोलह एकड़ में फैले विशाल क्षेत्र में तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए व्यवस्था है। इसके लिए जहाँ आधुनिक चिकित्सा इकाई काम कर रही है। वही आध्यात्मिक परम्परा इकाई अपनी संस्कृति को समेटने में संलग्न है।

इस घोर व्यावसायिक युग में जहाँ आधुनिक चिकित्सा पूरी तरह व्यवसाय का रूप धारण कर चुकी है। ऐसे माहौल में हम कम खर्च में लोगों के इलाज की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। संस्था का उद्देश्य आय कमाना कतई नहीं है। लेकिन इसके पोषण और प्रगति के लिए अर्थ जरूरी है। यह ध्रुव सत्य है।

विश्वास है कि हमेशा की तरह आप इसमें सहयोग प्रदान करते रहेंगे। जिससे भाग्योदय तीर्थ चिकित्सा अपने इस उद्देश्य को पूरा करने में सफल होगा जिसका संकल्प हमने आचार्य श्री की प्रेरणा से किया है।

वर्ष २००७ भाग्योदय तीर्थ के लिए बहुत भाग्यशाली साबित होने जा रहा है क्योंकि इस जमीं पर परम पूज्य १०८ आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज का लगभग २०० पिच्छिकाओं के साथ आगमन की प्रबल संभावना बनी हुई है। हमने वर्ष २००६ में निम्नलिखित उपलब्धियों को प्राप्त किया है।

१. पैरामेडिकल कॉलेज का सफलता के साथ द्वितीय वर्ष प्रारंभ।

२. फार्मेसी कॉलेज की अनुमति एवं वर्ष २००७ से प्रारंभ।

३. प्राकृतिक चिकित्सालय में थैलेसीमिया एवं पैरेलिसिस में अनेक मरीजों का सफलतम इलाज एवं ऐलोपैथी में अपार सफलता प्राप्त की।

४. ऐलोपैथी चिकित्सालय में अब शहर की सर्वोत्तम चिकित्सा उपलब्ध।

वर्ष २००७ में परम पूज्य गुरुवर १०८ आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के ससंघ सान्निध्य में

• १६ फरवरी २००७, शुक्रवार को- अखिल भारतीय महिला सम्मेलन।

• १७ फरवरी २००७, शनिवार को- थैलेसीमिया वर्कशॉप।

• १८ फरवरी २००७ से २५ फरवरी २००७ तक पंचकल्याणक एवं गजरथ महोत्सव।

डॉ. अमरनाथ जैन

(एम.बी.बी.एस., एम.डी.)
प्रबंध निदेशक

भाग्योदय तीर्थ, सागर (म.प्र.)

भाग्योदय तीर्थ चिकित्सलाय में उपलब्ध विशेष सुविधाएँ:

शहर की सर्वोत्तम इंटेसिव हार्ट केयर यूनिट।

शहर की सर्वोत्तम कलर डाप्लर मशीन द्वारा विभिन्न प्रकार की सोनोग्राफी की सुविधा।

हृदय रोग की जाँच, ईकोकॉर्डियोग्राफी, इलेक्ट्रोकॉर्डियोग्राफी, टीएमटी मशीन, कॉर्डियक डीफ्रिब्रिलेटर, कॉर्डियक मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, नेब्युलाईजेशन, इन्फ्यूजन पम्प, रेस्पाइरेटर, ग्लूकोमीटर।

सभी प्रकार की सर्जरी की सुविधा, आधुनिक मशीनों से सुसज्जित सर्वोत्तम चार ऑपरेशन थिएटर।

गरीबी रेखा (Below Powerty Line) वाले मरीजों की डिलेवरी एवं ऑपरेशन की सुविधाएँ।

प्रसूति कक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधित सर्जरी की पूर्ण सुविधा, दूरबीन पद्धति से बच्चादानी, अंडाकोष एवं गर्भनलिकाओं की जाँच, आधुनिक मशीनों से सुसज्जित सर्वोत्तम ऑपरेशन थिएटर।

शहर की सर्वोत्तम नर्सरी, शिशु रोग चिकित्सा इकाई, नवजात शिशु वार्मर, एक्सचेंज ट्राँसफ्यूजन, पल्स ऑक्सीमीटर, फोटोथैरेपी, नेब्युलाईजेशन रीसस्सिटेशन ट्रॉली विथ सी पेप, टीकाकरण सुविधा।

भ. छसि. मशीन के T.V. में देखकर हड्डी बैठाने की सुविधा, इंटरलॉक नेलिंग, केन्युलेटेड हिप स्कू्र फिक्सेशन, पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट, सेरेबल पैल्सी एवं नेलिंग प्लेटिंग ऑपरेशन, एक्स्टरनल फिक्सेटल व जैस द्वारा जटिल फ्रैक्चर का इलाज।

अल्ट्रासोनिक मशीन (सैटेलिक, फ्राँस) द्वारा दाँतों को इलाज, नकली दाँत, बत्तीसी बनाने की सुविधा, टूटे जबड़ों को ठीक करने की सुविधा, दाँतों को सीधा करना, सिल्वर कैप बनाने की सुविधा, रूट कैनाल ट्रीटमेंट, संभाग की एकमात्र ओपीजी मशीन द्वारा एक दाँत या पूरे जबड़े का एक्स-रे करने की सुविधा, अक्ल दाढ़ को निकालने की सुविधा।

ब्लड बैंक, एक्स-रे, सोनोग्राफी, पैथोलॉजी लैब।

आचार्यश्री

23 नवंबर 1999 को आचार्यश्री का इंदौर से विहार हुआ था। तब से अब तक प्रतीक्षारत इंदौर समाज

2019 : विहार रूझान

मेरी भावना है कि संत शिरोमणि विद्यासागरजी महामुनिराज का विहार नेमावर से यहां होना चाहिए :




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