समयसागर जी महाराज के बंडा विहार की संभावनासुधासागर जी महाराज इस समय कुंडलपुर में हैंयोगसागर जी महाराज का चातुर्मास कुंडलपुर में मुनिश्री प्रमाणसागरजी महाराज का चातुर्मास सम्मेदशिखर में आचार्यश्री की जानकारी अब Facebook पर Youtube - आचार्यश्री विद्यासागरजी के प्रवचन देखिए Youtube पर आचार्यश्री के वॉलपेपर Android पर शाकाहारी रेस्टोरेंट Android पर दिगंबर जैन टेम्पल/धर्मशाला Android पर देश और विदेश के जैन मंदिरों एवं जिनालय की जानकारी के लिए www.jaintemple.in विजिट करें

कविताएं

kshamasagarji

अवसर
 जो उसने
 जीते जी
 मौत पर लिखा
 उसे लोगों ने
 कई-कई भाषाओं में 
 पढ़ा-सुना 
 औरों को दिया
 पर मरते वक्त
 हमने देखा
 उनमें-से कोई भी
 मौत की भाषा
 नहीं सीखा
 हर आदमी 
 मौत से डरा
 और ज़िन्दगी का अवसर
 खो दिया!
Opportunity
What he wrote about death
Peole read; translated it
Into different languages.
His writing was distributed 
Far and wise.
But I noticed that when people died
They had not learnt
Anything about dying.
While alive, they
Had feared death so much
That they lost their only opportunity
To live fully.
पगडंडी
 जीवन रचता गीत
 मौत गाती है
 साँसों में आवाज़
 उसी के 
 आने की आती है
 जीवन बुनता राह
 मौत राही है
 साँसों में पदचाप
 उसी के
 आने की आती है
 सुख-दुःख तो
 दुनिया में 
 हँसते-रोते हैं
 एक मौत है
 सुख-दुःख में
 सबके 
 एक साथ आती है 
 जीवन भर 
 साथ रह जाते हैं
 तो सब
 जीवन के साथी हैं
 ये अपनी-अपनी मौत 
 अंत में 
 साथ यही जाती है
 वन होता है
 बहुत घना
 सूरज की किरणों को राह नहीं मिलती,
 आने को,
 जाने किस,
 पगडण्डी से
 ये चुपचाप
 चली आती है
 जीवन जितना
 जाता दूर
 पास उतना ही
 ये आती है
 मानो छाया है
 ये जीवन किई
 सो जीवन -भर
 पीछे-पीछे आती है!
Sidewalk
The song created by life
Is sung by death;
Our breath brings to us
The sound of death’s coming.
The path created by life
Is travelled by death;
Our breath breathes
Death’s foot-fall only.
Everyone has
Their own joys and sorrows.
We cry or laugh
For our own-people only.
But death arrives
Equally for everybody.
The ones we live with
Are our friends for life,
But death is the
Friend that lasts
After life.
In the dense forest
Even the light of the sun
Fails to penetrate,
But death
Finds passage easily
Through some sidewalk.
With each step life takes,
Death comes neared.
As life’s shadow,
Death follows life.
ख्याल
 कागज़ों पर
 बहुत सोच-सोच कर
 उसने लिखा-
 जीवन स्वयं का
 बाद में
 उसे/ख्याल आया
 वक्त की दीमक
 और हवाओं का!
Thought
He wrote about his life
So painstakingly, pondering all the
While.
It was only later
That he thought of
The time’s termite
And the wind’s might.
जवाब
 हमारी हर सांस
 मौत के नाम
 रोज़-रोज़
 खत लिखती है
 लेकिन मौत
 एक रोज़ आकर
 खुद जवाब देती है!
Reply
Life writes a letter
To death each day.
Death appears in person finally
To reply one day.
लिबास
 मौत
 ज़िन्दगी का लिबास
 ओढ़ कर आती है!
 ज़िंदगी-भर
 लिबास दिखता है
 मौत
 कहाँ दिख पाती है!
Garment
Death wears always
The raiment of life.
We see death’s garment
But never the death
Behind it.
अकेले
 ज़िन्दगी
 जाने को थी
 हमने
 मौत को बुला लिया
 क्या करें
 हमसे 
 अकेले 
 रहा नहीं गया!
Alone
Life was about to take its leave,
So I invited death for company.
It is really different for me
To be alone with myself only.
डोली
 साँझ के द्वारे
 रात आयी है
 स्वागत करो
 दीप जलाओ
 देखो तो
 यह रोशनी का 
 संदेशा लायी है!
 जीवन के द्वारे
 मौत आयी है
 स्वागत करो 
 डोली सजाओ
 देखो तो
 वह अपने घर
 पहुँचने का
 संदेशा लायी है!
Palanquin
The night has arrived
At the evening’s door.
Welcome it, please, put on
All the lamps.
Night always brings
The message of light.
Death has arrives
At life’s door.
Get the palanquin ready.
Death comes always
To take us back to 
Our beginnings.
द्वार-दीप
 मौत को
 प्रणाम करता हूँ
 कि मैं
 जीने की
 शुरुआत करता हूँ
 डूबते सूरज को
 प्रणाम करता हूँ
 कि मैं
 द्वार पर
 इक दीप धरता हूँ!
The Lamp at My Door
I bow to death
And tell it,
Now I begin
My life.
I bow to the setting sun
To say,
I light now
A lamp at the door outside.
वह मैं
 मैंने पर्वत लांघे
 नदियां पार कीं
 कई रास्ते
 चलकर तय किये
 आकाश की
 ऊंचाई
 सागर की
 गहरायी नापी
 दुनिया को देखा
 लोगों को परखा
 पर फिर भी
 लगता है
 कुछ अनछुआ
 अनदेखा है
 कुछ अलंघ्य
 अनलेखा है
 और शायद
  वह मैं ही हूँ!
Just Me
I climbed many mountains
Crossed rivers, walked on several
Paths.
I measured the high sky.
And the oceans deep.
I watched others
And tested them-
But even after all this
I felt that there was something
Which was still untouched
And unnoticed. 
That there was something still
Uncrossed and unrecorded.
Perhaps that something is
Nothing but me.
आग
 कितनी बार
 इस आग से गुजरा हूँ!
 जिसे तुम
 आग समझते हो
 यह जानते हुए भी
 कि एक रोज
 इस आग से
 सब गुजरते हैं
 तुम चाहते हो
 कि मैं बचा रहूँ
 .....और मैं 
 यह सोचकर 
 कि यदि वह आग
 कहीं है
 जिसमें 
 सब जल जाता है
 तो उससे 
 गुजरना चाहता हूँ
 ताकि 
 अपने सिवा मैं
 कुछ और न रहूँ!
Fire
I have been through fire
Many a time.
But you wish me to be safe
From what you call burning,
Knowing well
That no one has ever
Escaped the fire.
I am looking for that fire
Which may burn away
Everything.
I wish to enter it in order to
Survive with just me-
And nothing else
Beside.
अब
 उनके बीच का
 अकेला,
 भला आदमी
 गाँव से चला गया
 जहाँ गया
 वहीँ रम गया
 वे अब
 महसूस करते हैं
 कि पहले रोशनी थी
 अब अन्धेरा हो गया!
Now
The only upright man
Amongst them went away
From their village
To live elsewhere.
Now they realize
That there was
Light erstwhile,
But now there
Was darkness only.
और शायद
 हम यहाँ
 दो-चार कदम चले
 और ठहर गये
 सोचने लगे
 कि जब सब
 आपो आप
 समय आने पर होगा
 तब हमें
 क्यों व्यर्थ चलना है
 और यदि चले भी
 तो पहुंचेंगे,
 इसका क्या भरोसा
 चलो यहीं ठहर जाते हैं
 आखिर 
 कहीं-न-कहीं पहुंचकर
 ठहरना ही तो है 
 तब से हम
 यहीं ठहरे हैं
 और शायद
 मन ही मन
 हँसते भी हैं
 कि चलने वाले
 कितने नासमझ हैं!
Perhaps
We took a few steps
And then stopped, thinking
That what happens
Happens on its own merely.
So why should we walk any further?
In any case,even if we walk
Who knows if we would reach
Anywhere, So
Let’s just stay here.
After all, we have to stop
And stay somewhere eventually.
Since then we have not
Moved at all.
We laugh at those
Who walk, and say to ourselves,
‘How foolish are those
Who walk.’

कल
 वह रोज की तरह 
 आज भी
 अपने कमरे का
 द्वार खोलेगा
 सीढ़ियाँ चढ़ेगा 
 थका-हारा
 वह बेचारा
 कल के इंतज़ार में
 आज फिर सोएगा
 कल कोई और
 द्वार खोलेगा!
Tomorrow
Like every day,
He would
Unlock his door today, and then
Climb the steps tiredly.
Poor creature!
Tonight too he would sleep
Waiting for the morning.
In the morning, however,
It may be someone else
Who would open his door.
आकाश
 रात आती है
 सारा आकाश
 तारों से
 भर जाता है
 दिन होते ही
 मानो
 सब
 झड़ जाता है
 इसमें सोचो
 तो सोचते ही रहो
 हाथ क्या आता है?
 जो समझते हैं
 कि डूबते /उगते
 सितारें हैं
 आकाश
 अकेला था
 अकेला ही 
 रह जाता है!
The Sky
When the night comes
The sky sparkles with stars.
As soon as it is daylight
All of them depart.
Think about it:
You may learn-
As some do-
That only the stars
Sparkle and fade.
The sky
Remains as was,
Alone,
Always.
सानिध्य 
 अब 
 हमें अपना
  छोटा सा आकाश
  और जरा सी ज़मी 
 असीम मालूम पड़ते है 
 अब हमारे करीब 
 हे! निस्सीम आप
  रहते है !
Nearness
Now my liitle sky,
My tiny piece of earth
Seem so vas to me
Because now you, O vastness,
Dwell near me.
साक्षात्कार 
 देवता मेरे,
 जब मैंने
 अपने भीतर झांका
 अपने को
 देखना चाहा,
 तब वर्षों से पूजित
 प्रतिमा में 
 मैंने पहली बार
 तुम्हें देखा/ पाया!
Meeting
Worshipped by me for years,
I met you, O Divine,
For the first time
When, in order to find myself
I looked within me.
सूरज और चिड़िया
 सूरज ने
 आकर कहा
 कि चिड़िया,
 सुबह होने की सूचना
 चहचहाकर 
 तुम रोज
 किसे देती हो?
 वृक्ष पर बैठी चिड़िया
 चहचहायी ,
 बोली, सूरज दादा
 रोज-रोज आकर 
 आप किसे जगाते हो?
 क्षण भर में
 हवाओं में
 हंसी भर गयी
 दुनिया अपने-आप
 जाग गयी!
The Sun and the Bird
The sun asked the bird,
Bird, who do yo sing to
Every morning and say,
‘”It’s morning?”
The bird started to sing
And said,
‘Sun, my brother,
Who do you wake
By rising early each morning?’
Immediately the wind was filled
With laughter and the world
Woke up on its own.
कठिन लेकिन सुखद
 अभी चले जाओगे,
 जाओ!
 अब आये हो,
 आओ!
 कितना कठिन
 लेकिन
 कितना सुखद होता है,
 जब कोई
 इस तरह
 सब स्वीकार लेता है!
How Fulfilling
I know that you would
Leave soon.
I know you came.
How difficult,
But how fulfilling-
When someone 
Knows and accepts
Everything
So simply.
परख
 वह आदमी
  कैसा है
 पहले परख लो
 तब विश्वास करना,
 ऐसा हर आदमी 
  कहता है
 और दूसरों को परखता है 
 और दूसरों पर
  अति विश्वास करता है
 मुझे लगता है
 कि ज्यादा परखना भी
 अविश्वास करना है!
Distrust
Everyone advises
Everyone else that
Be sure
Before you trust anyone.
Saying this he tries
To be sure of the other
And thus, distrusts
Everyone.
I feel that this
Wanting to be sure
Is the reason itself
For distrust.
सिर्फ अपने लिए 
 कितना
  जरुरी हो जाता है
  कभी कभी
  आदमी को
  जीने के लिए 
 ये भ्रम
  कि कहीं कोई है
  जो उसके लिए
  मर सकता है !
  सच्चाई तब भी 
  वही रहती है
  कि आदमी 
 अपने लिए जीता
 और 
 अपने लिए मरता है !
Only for myself
‘Someone would die for me!”
This is how we delude ourselves
In order to be able to live.
The fact is 
That man lives only for his
Own self,
And for own self, dies.
संबल 
 जब भी 
 कोई चिड़िया
 मेरे आस पास
 अपना घर बना लेती है
 में गहरे आत्मविश्वास
  से भर जाता हू
 कि मेरे प्रति
  वह कितना विश्वस्त है
 मुझे 
 उसके विश्वास को
  संबल देना है !
Reinforce
Whenever a bird
Makes its nest
Near me
I am reassured
That the bird trusts me.
I must reinforce
This trust.
अपने हिस्से का आकाश
 कमरे की
  खुली खिड़की से 
 अपने हिस्से में आये
 जरा से आकाश का
 अहसास होता है,
 और मन
 इसी पीड़ा से
 भर जाता है,
 कि बाहर
 असीम आकाश है!
My Bit Of The Sky
When I see
My bit of the sky
Through the open window
In my room-
I am filled
With great anguish-
Because I realize
That just outside
The sky is so vast.
मरने से पहले हर दिन
 जो भी कहना है
 अब कल कहूँगा,
 जो भी करना है
 वह आज ही कर लूंगा!
 असल में,
 जीने का कोई एक दिन
 तय नहीं होता
 मरने की तरह,
 इसीलिए मैं
 मरने से पहले
 हर दिन
 पूरी तरह जीना चाहूंगा!
Before I Die, Each Day
Whatever I have to say
I will say tomorrow.
Whatever I have to do
I shall do today.
There is no day
Earmarked for living-
Just as there is no day
Fixed for dying.
Therefore,
Before I die
I wish to live each day
To its full capacity.
ज्ञानी
 हमारे पास
 कुछ प्रश्न हैं
 और उनके 
 निर्धारित उत्तर भी हैं,
 जब सारे जवाब
 हमसे बन जाते हैं
 तब लगता है
 हम ज्ञानी हैं,
 काश, हम सचमुच,
  ज्ञानी होते!
Wise
We have a fixed set of questions,
And we have
Set answers for them.
After we find the answers
To all our questions,
We feel so very wise.
How nice it would be
To be really wise.
प्रश्न और उत्तर
 कल ही उसका पत्र
 आया है,
 उसने
 मुझसे
 आत्मा के बाबत,
 पूछा है,
 और पूछा है कि तुम
 आत्मा को
 मानते हो अभी भी?
 मैंने
 लिख दिया है
 कि मानता हूँ,
 अपने को
 और तुम्हें भी!
 मुझे लगता 
 अस्तित्व की
 स्वीकृति के लिए
 इतना ही काफी है!
Question and reply
His letter came yesterday,
He has asked me
About that soul.
He writes,’Do you still
Believe in the soul?’
I have written back that
I believe I am.
I believe you are.
I feel this answer
Is affirmation enough
Of the soul’s existence.
समय बदल गया है
 अब सुबह
 सूरज
 आता तो है
 पर बादलों के पीछे 
 चुपचाप
 खड़ा रहता है!
 चिड़ियाँ
 किसी पेड़ पर
 गुमसुम उदास
 बैठी रहती हैं!
 हवाएँ
 कहीं आती-जाती नहीं हैं!
 नदी
 अपने में सिमटकर
 तटों से 
 बहुत दूर हो गई है!
 लोग कहते हैं
 समय बदल गया है!
Times Have Changed
The Sun rises every morning.
But in hides behind the clouds
Silently.
Birds sit lost on trees,
They no longer sing.
The breeze no longer
Blows here and there.
The river couches into itself
Away from banks.
People mutter,
‘The times have changes.’
क्रम
 एक पेड़
 तुम उगाओ
 एक मैं,
 जब दोनों
 बड़े हो जाएंगे,
 संसृति के 
 उस क्रम को
 वे ही दुहराएंगे!
Process
Please, plant a sapling
I too shall plant one.
When both the sapling
Grow to be trees.
They themselves
Would repeat
This process of 
Planting.
आघात
 आंधी
 आकर चली गयी है,
 वृक्ष शोकाकुल
 शांत खड़े हैं,
 उनके बावजूद भी
 चिड़ियों से घोंसले
 टूटकर गिर पड़े हैं!
 क्या अब 
 कोई चिड़िया
 विश्वास से भरकर
 नया घोंसला
 बना पाएगी?
Grief
The storm
Came and went.
The trees
Are still now.
They are
So full of grief.
The nests
Fell off despite
The tree’s great concern for them.
I wonder
If the bird shall ever
Trust the tree sufficiently
To build
Another nest on its branches.
दूसरा दिन
 रोज लगता है
 जैसे कुछ
 छूट गया हो,
 करने को
 कहने को
 रह गया हो,
 शायद
 दो दिन की
 ज़िन्दगी में
 इसलिए
 दूसरा दिन होता हो
The Day After Today
 Everyday
 I feel that something
 Remains unaccomplished,
 That something
 Remains unsaid.
 Perhaps that is why
 In this life of numbered days,
 We have a day after today.
लिखना- पढ़ना
 लिख लेता हूँ
 पढ़ लेता हूँ
 जो कहा जा सकता है
 उसे कह भी लेता हुँ!
 यदि लिखना-पढ़ना
 और कुछ कह लेना ही
 जीना है,
 तो इतना
 मैं भी जी लेता हूँ!
Write-read
 I write.
 I read.
 I say what I am able to say.
 I f writing,
 Reading and speaking
 Amount to living-
 Then I too
 This much, live.
मन ही तो है..
 यह जानते हुए भी
 कि किसी को कुछ दे नहीं पाउँगा
 दिया भी नहीं जा सकता
 मन करता है अपने को समूचा दे दू
 किसी कि पीड़ा बाँट नहीं सकूँगा
 कोई बाँट भी नहीं सकता
 मन करता है सबकी पीड़ा अपने में ले लूँ
 सार रास्ता अकेले ही तय करूँगा
 सभी को करना होता है
 मन करता है कि सबको साथ ले लूँ .
It’s only wish
 I know that
 I won’t be able to give
 Anything to anyone,
 Nor it would be possible
 To do so-
 I still wish
 To give away
 All that’s me.
 I know that
 I won’t be able to share
 Anyone’s grief-
 Nor is it possible to do so-
 I still wish
 To take upon myself
 Everyone’s grief.
 I know
 I have to trudge alone,
 Everyone has to do it,
 I wish still
 To take everyone along.
करने की भाषा
 हम लोग
 बड़े श्रमजीवी हैं;
 ये मत पूछिए
 हम क्या कर सकते हैं !
 अपनी अलग पहचान बनाने के लिए
 हम कुछ भी
 कर सकते हैं
 बड़ी लकीर
  मिटा सकते हैं 
 बड़ी लकीर
  घटा सकते हैं
 हम जीने की नहीं
 करने की भाषा जानते हैं!
Language of Action
 We are extremely
 Industrious.
 Do not ask what all
 We can do!
 To distinguish ourselves
 We do anything-
 We can bypass
 The charted routes,
 Or shorten them
 If necessary.
 We know the language
 Of action-
 Not of living.
वह अपना
 बांसुरी के स्वर
 जाने किसे बुलाते हैं
 ये फूल
 हवाओं में
 अपनी सुगंध
 जाने किसे भेजते हैं?
 सूरज की किरणें
 रोज सवेरे
 जाने किस द्वार पर
 दस्तक देती हैं
 वृक्ष की यह छाया
 जाने किसके आने का
 इंतज़ार करती हैं
 काश,
 सब
 अपने को पा लेते!
Their ownself
 I wonder
 About the flute’s music-
 Who is it that it calls?
 Who do the flowers,
 Through the wind,
 Send their fragrance to?
 And the rays of the Sun-
 On whose door
 Do they knock at dawn?
 The shade beneath the tree-
 Who does it wait for?
 I wish all these
 Could find their own selves.
निशाना
 जब भी मैंने
 किसी और को
 निशाना बनाया
 और अपने
 जीतने का
 जश्न मनाया
 मैंने पाया, मैं ही हारा,
 अनजाने ही
 मेरा तीर
 मुझसे टकराया
 शिकार मैं ही बना
 और कई रोज तक
 कराहती रही
 मेरी घायल चेतना
Target
 Whenever I targeted
 Someone else
 And celebrated my own
 Victory,
 I found out that it was I
  Who was defeated.
 My own arrow
 Somehow found it mark in me;
 And I was
 The hunted one.
 For days
 My wounded innerself
 Moaned in pain.
दोहरे गणित
 ज़िन्दगी में
 हमारे चाहे/अनचाहे
 बहुत कुछ
  हो जाता है
 हमारा मनचाहा हुआ
 तो लगता है
 यह हमने किया
 हमारा अनचाहा हुआ
 तो लगता है
 शिकायत करें/पूछें
 कि यह किसने किया
 जीवन-भर
 इसी दोहरे गणित में
 हम जीते हैं
 और समझ नहीं पारे
 की अच्छा-बुरा
 चाह-अनचाहा
 अपने लिए सब
 हम ही करते हैं
 अपनी मौत की इबारत
 अपने हाथों
 हम ही लिखते हैं!
Double Arithmetic
 A lot happens in life
 Without our wishing it.
 When what happens
 Is what we had wished to happen.
 We proclaim that we did it.
 But when what happens
 Is what we has not wished to happen
 We complain and ask,
 “Who did i?”
 We live this double arithmetic
 All our life.
 We don’t realize
 That the desirable and the undesirable both
 Are of our own doing.
 W e alone
 Write the script
 Of our death and dying.
एक अहसास था
 जहाँ तरलता थी
 मैं डूबता चला गया
 जहाँ सरलता थी मैं झुकता चला गया
 संवेदनाओं ने मुझे जहाँ से छुआ
 मैं वहीँ से पिघलता चला गया
 सोचने को कोई चाहे
 जो सोचे
 पर यह तो एक अहसास था
 जो कभी हुआ
 कभी न हुआ!
Wherever therewas water,
 I laved in it.
 Wherever there was simplicity,
 I bowed before it.
 Wherever feeling touched me,
 I melted before it.
 Let others think
 What they may.
 This is how I felt.
 At times-
 Ant at times I felt
 Nothing.
उपलब्धि
 उपलब्धि के नाम पर
 मैंने क्या पाया है,
 यदि यह पूछते हो
 तो सुनो -
 मैंने पायी है एक जगह
 जहाँ मैं अपने आपको
 खो पाता हूँ,
 जहाँ मैं अपने आपको
 पा जाता हूँ,
 जहाँ मैं
 और अकेला मैं/ रहता हूँ
If you wish to know
 What it is that I have attained
 Then know this-
 I have attained
 A space which is all mine:
 I love myslelf in it;
 I find myself in it.
 In it, only I am.
 Only I exist.
आखिरी गीत से पहले
 कभी लगता है
 कि ज़िन्दगी के
 साज पर
 आखिरी गीत गाऊं
 और इससे पहले कि
 साँसों के तार टूटें
 गीत पूरा हो जाए,
 अब साज संभालते-संभालते
 और पुराने गीत गाते-गाते
 मन थक गया है !
Before the Lat Song
 Sometimes, I wish
 To sing my last song
 Before the string breaks
 And breathing ends.
 I am tired
 Of this old instrument;
 And tired of looking after it.
 I am tired of repeating
 All the old songs.

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2022 : विहार रूझान

मेरी भावना है कि संत शिरोमणि विद्यासागरजी महामुनिराज का विहार शिरपूर से यहां होना चाहिए :




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1
20
25
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कैलेंडर

august, 2022

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