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| श्री दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र अमरकंटक |
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| मूर्ति एवं मंदिर परिचय |
गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड के लिए प्रस्तावित परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से कानपुर (उन्नाव) में ढली, अष्ट-धातु से निर्मित २४,००० किलोग्राम वजनी संसार की सबसे वजनदार भगवान श्री आदिनाथजी की पद्मासन प्रतिमा है। जिन्हें सनातन सम्प्रदाय में भी आदि ब्रह्मा के नाम से जाना जाता है।
१७,००० किलोग्राम का अष्ट-धातु का कमल, जिसको अहमदाबाद में ढाला गया है, जिस पर भगवान को विराजमान किया गया है। इस प्रकार से कुल ४१,००० किलोग्राम वजनी प्रतिमा एवं कमल है।
यहाँ अतिशीघ्र एक भव्य जिनालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है, जिसके शिखर अर्थात् मंदिर की ऊँचाई १५१ फुट रहेगी।
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| क्षेत्र दर्शन |
| अमरकंटक नैसर्गिक सौंदर्य, प्राकृतिक मनोरम दृश्य, हरीतिमा के साथ ही सुप्रसिद्ध नर्मदा, सोन एवं जुहिला नदियों की उद्गम स्थली है तथा हिल स्टेशन भी है। |
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| कटनी - बिलासपुर रेलखंड पर अमरकंटक के लिए निकटवर्ती रेलवे स्टेशन पेंड्रा रोड ४५ किलोमीटर दूर है। बिलासपुर से १०१, डिंडोरी से ८०, बुढ़ार से ८५ किलोमीटर दूर अमरकंटक है। दक्षिण भारत से आने वाले यात्री नागपुर - बिलासपुर पेंड्रा रोड, उत्तर भारत / दिल्ली आदि की ओर से आने वाले यानी बीना-कटनी-पेंड्रा रोड होकर अमरकंटक पहुँच सकते हैं। भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस सायं ४ बजे छूटती है। |
| पत्र व्यवहार पता |
श्री दिगंबर जैन अमरकंटक क्षेत्रीय विकास समिति,
सर्वोदय तीर्थ, अमरकंटक , म.प्र
फोनः +९१-७६२९-२६९४५०,२६९५५० |
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