
तीर्थक्षेत्र कमिटी तथा शाश्वत ट्रस्ट से जुड़े महानुभावों से अपील …
शिखरजी के निहारिका में पंचकल्याणक सर्वमान्य मूल आम्नाय पद्धति से किया जाए
चौथी तथा पांचवी टोंक पर हमारे कुछ साथियों को उकसाया गया, उसको भद्दी गलिय दी गयी, उनको बंधक बनाया गया, कथाकथित महंत/पंडो द्वारा पीटा गया, जिसका पूरा सपोर्ट दिया ड्यूटी पर तैनात पुलिस वाले, तथा उस पुलिस वाले ने भी डंडे मारे और दोनों पक्षों को सुने बिना हमें जिम्मेदार मानकर हमारे साथियों को भद्दी गालियाँ दी [ जिसकी हमारे पास फोटो और नाम दोनों है ] !! — ये रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया पढ़े और जाने कि गिरनार पर्वत पर धर्म की आड़ में गुंडागर्दी और आतंक का वातावरण बनाया गया है !!
भगवान आदिनाथ (Lord Adinath) ‘जैन’ कहते हैं उन्हें, जो ‘जिन’ के अनुयायी हों। ‘जिन’ शब्द बना है ‘जि’ धातु से। ‘जि’ माने-जीतना। ‘जिन’ माने जीतने वाला। जिन्होंने अपने मन को [...]
श्री दिगम्बर जैन ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र – नारेली (अजमेर)
| © 2012 vidyasagar.net | Designed, Developed & Maintained by: Webdunia |