Click here to submit
देश और विदेश के शाकाहारी जैन रेस्तराँ एवं होटल की जानकारी के लिए www.bevegetarian.in विजिट करें देश और विदेश के जैन मंदिरों एवं जिनालय की जानकारी के लिए www.jaintemple.in विजिट करें Apple Store - आचार्यश्री विद्यासागरजी के वॉलपेपर फ्री डाउनलोड करें Apple Store - जैन टेम्पल आईफोन/आईपैड पर Apple Store - शाकाहारी रेस्टोरेंट आईफोन/आईपैड पर दिगंबर जैन टेम्पल/धर्मशाला Android पर शाकाहारी रेस्टोरेंट Android पर आचार्यश्री के वॉलपेपर Android पर Youtube - आचार्यश्री विद्यासागरजी के प्रवचन देखिए Youtube पर आचार्य श्री की जानकारी अब Facebook पर

महावीर भजन एक स्वर

2,149 views

(तर्ज – देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान)

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई महावीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।

सूरज न बदला, चाँद न बदला, न बदले दिन-रात,
कितने बदल गए हालात।

आज आदमी बना जानवर, नहीं समझे ये प्यार की भाषा,
पैसों की खातिर भाई ही, भाई के प्राणों का प्यासा।
अपनी तिजोरी भरने को बेच रहा जमीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।

माता-पिता की कदर नहीं है, भटक रहे दर-दर ये बेचारे,
नहीं साथ कोई रखना चाहे दूर भागते इनसे सारे।
इन्हीें कपूतों की करनी से, हालत है गम्भीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।

झूठ बोलता, कम ये तौलता, करे मिलावट और मक्कारी,
नकली दवा बनाये बेचे अकल गई है इनकी भारी।
इतनी गिरावट आ गई भगवान कैसे ढ़कूं अब चीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।

प्रभु भक्ति तो यंे भूल गया ये, बाईक खूब भगाये,
खाकर गुटखा दिन भर मुँह में पीक थूकता जाये।
माबाईल को लगा कान से लगता बड़ा अमीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।

जात-पात सब खत्म हो रही, नहीं नज़र आता ईमान,
गिरगिट जैसे रंग बदलते, बन गये हैं सब शैतान।
‘‘जैनी’’ अरज करे जिनवर फिर आवो है वीर,
कितनी बदल गई तस्वीर।


श्रीमती सुशीला पाटनी

आर. के. हाऊस, मदनगंज- किशनगढ

Leave a Reply

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

(required)

(required)

Comment body must not contain external links.Do not use BBCode.
© 2017 vidyasagar.net Designed, Developed & Maintained by: Webdunia