संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवनरूपी वारिधि में रहता है, संचरण करता है, डुबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।
 
जैन वीडियो (Jain Video)
जैन ऑडियो (Jain Audio)
विद्यासागर डॉट नेट में नया
प्रवचन एवं उपदेश- आचार्य श्री के प्रवचन के नए वीडियो, आचार्य श्री के उपदेश
जिनालय- देश और विदेश के जैन मंदिरों एवं जिनालय की सूचि
वीडियो - भजन (स्वर श्री चिंतन बाकिवाला एवं सुश्री कविता कृष्णमूर्ति)
 
आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज अभी दमोह (म. प्र.) में हैं।
दमोह में आचार्य श्री के सानिध्य में
3 मार्च से 12 मार्च तक
समोशरण मंडल विधान होने जा रहा है।
 
 
दमोह में भोजन एवं आवास के लिए संपर्क करें:
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श्री रितेश जैन: 09425095916
श्री अनिल जैन: 09425451913
 
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