Hindi Font Download
संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवनरूपी वारिधि में रहता है, संचरण करता है, डुबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।
 
   
जैन वीडियो (Jain Video)
जैन ऑडियो (Jain Audio)
विद्यासागर डॉट नेट में नया
जैन धर्म - शांतिपाठ (सामायिक पाठ)
धार्मिक गतिविधियाँ - सेवा संस्कार केन्द्र
आचार्य श्री - आचार्य पद, आचार्य श्री के 108 नाम, जीवन-गाथा, यादें विद्याधर की
 

आचार्य श्री का रामटेक से नागपुर की ओर विहार हो गया है।
----------------------

आवास एवं भोजन हेतु सम्पर्क:
सतीश जैन (कोयला वाले)
09371227373
प्रकाश चंद्र जैन
09822927255
प्रदीप जैन
07114 - 255117
----------------------

आचार्य श्री के सान्निध्य में 3 दिसंबर से 8 दिसंबर 2008 तक नवनिर्मित जैन मंदिर, तुलसीनगर, नागपुर में पंचकल्याणक सम्पन्न होगा।