Click here to submit
देश और विदेश के शाकाहारी जैन रेस्तराँ एवं होटल की जानकारी के लिए www.bevegetarian.in विजिट करें देश और विदेश के जैन मंदिरों एवं जिनालय की जानकारी के लिए www.jaintemple.in विजिट करें Apple Store - आचार्यश्री विद्यासागरजी के वॉलपेपर फ्री डाउनलोड करें Apple Store - जैन टेम्पल आईफोन/आईपैड पर Apple Store - शाकाहारी रेस्टोरेंट आईफोन/आईपैड पर दिगंबर जैन टेम्पल/धर्मशाला Android पर शाकाहारी रेस्टोरेंट Android पर आचार्यश्री के वॉलपेपर Android पर Youtube - आचार्यश्री विद्यासागरजी के प्रवचन देखिए Youtube पर आचार्य श्री की जानकारी अब Facebook पर

आचार्य परम्परा

12,053 views

Acharya Shanti Sagar Ji Maharaj

चरित्र चक्रवर्ती आचार्य प्रवर श्री शांतिसागरजी महाराज

संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवनरूपी वारिधि में रहता है, संचरण करता है, डुबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।

पूर्व नाम : श्री सातगौड़ा पाटिल
पिता श्री : श्री भीमगौड़ाजी पाटिल
माता श्री : श्रीमती सत्यवतीजी
भाई/बहिन : चार भाई, एक बहन
जन्म स्थान : येरगुल (नाना के घर) बेलगाँव, कर्नाटक
जन्म तिथि : आषाढ़ कृष्ण षष्ठी, वि.सं. १९२९, सन्‌ १८७२, बुधवार रात्रि
क्षुल्लक दीक्षा तिथि : ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी वि.सं. १९७२ सन्‌ १९१५
क्षुल्लक दीक्षा स्थल : उत्तूर ग्राम
ऐलक दीक्षा स्थल : श्री दिगम्बर जैन, सिद्ध क्षेत्र गिरनारजी (गुजरात) में
मुनि दीक्षा स्थल : यरनाल, बेलगाँव, कर्नाटक
मुनि दीक्षा तिथि : फाल्गुन शुक्ला चतुर्दशी वि.सं. १९७९ सन्‌ १९१९
दीक्षा गुरू : मुनिश्री देवेन्द्रकीर्तिजी महाराज
आचार्य पद तिथि : अश्विन शुक्ल एकादशी, वि.सं. १९८१, सन्‌ १९२४, बुधवार
आचार्य पद स्थल : समडोली, जिला-सांगली, महाराष्ट्र
समाधि स्थल : श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, कुन्थलगिरि, उस्मानाबाद (महाराष्ट्र)
समाधि तिथि : द्वितीय भाद्रपद शुक्ल द्वितीया, वि.सं. २०१२, १८-०९-१९५५, रविवार

| आचार्य प्रवर श्री शांति सागर जी महाराज | आचार्य प्रवर श्री वीरसागर जी महाराज |

| आचार्य प्रवर श्री शिवसागर जी महाराज | आचार्य प्रवर श्री ज्ञानसागर जी महाराज |

11 Responses to “आचार्य परम्परा”

Comments (11)
  1. Jai Jinendra,
    Please confirm total number of Diksha given by Acharya Shri Vidhyasagar Ji as on date.

    Regards

  2. Jai Jinendra,

    Please let us know where Acharya Shri given 25 Muni Diksha.

    Regards

  3. Why is Dayodaya trust of Indore is not growing ……….it shud take lesson from small places like jabalpur , Sagar,Lalitpur, Kanpur, delhi etc….

  4. Jay jinendra….

    It is very nice information..I don’t know about shantisagarji maharaj..Let me know about more information.

  5. app ki yah jankari bhut acchi lagi aur bhi jankari agr mile to app jaruj de jay jinedra

  6. jai jinendra, this website is very useful of all jain of world.so i like this website .

  7. santo ke sant h,dikhte mahant h,
    aise vidya sagar guru,.,
    mere bhagwant hai.
    boliye sant shiromani a.gurudev shri 108 samadhi samrat sant vidyasagar ji maharaj ki jai …jai…jai

Leave a Reply

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

(required)

(required)

Comment body must not contain external links.Do not use BBCode.
© 2017 vidyasagar.net Designed, Developed & Maintained by: Webdunia