हायकू
1,021 viewsदिगम्बर जैन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज इन दिनों (Japanese Haiku, 俳句 ) जापानी हायकू (कविता) की रचना कर रहे हैं | हाइकू जापानी छंद की कविता है इसमें पहली पंक्ति में 5 अक्षर, दूसरी पंक्ति में 7 अक्षर, तीसरी पंक्ति में 5 अक्षर है। यह संक्षेप में सार गर्भित बहु अर्थ को प्रकट करने वाली है। महाकवी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने लगभग 450 हायकू लिखे हैं। कुछ हायकू इस प्रकार हैं :-
1. जुडो ना जोड़ों, जोड़ों बेजोड़ जोड़ों, जोड़ा तो छोडा |
2. संदेह होगा, देह है तो देहाती ! विदेह हो जा |
3. ज्ञान प्राण है, संयत हो तो त्राण, अन्यथा स्वान |
4. छोटी दुनिया, काया में सूख दुःख, मोक्ष नरक |
5. द्वेष से बचो, लवण दूर् रहे, दूध ना फटे |

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