Hindi Font Download
संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवनरूपी वारिधि में रहता है, संचरण करता है, डुबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।
 
जैन वीडियो (Jain Video)
जैन ऑडियो (Jain Audio)
विद्यासागर डॉट नेट में नया
धार्मिक गतिविधियाँ - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चाँदखेडी, परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी के आशीर्वाद से सम्मेद शिखर जी में श्रीसेवायतन
जैन धर्म - नए धार्मिक एवं भक्तिपूर्ण आलेख
 
 
आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज ससंघ अमरकंटक में पधार चुके हैं।
---------------------
अमरकंटक में ६ जुलाई को चातुर्मास की स्थापना होगी।