संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवनरूपी वारिधि में रहता है, संचरण करता है, डुबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।
 
जैन वीडियो (Jain Video)
जैन ऑडियो (Jain Audio)
विद्यासागर डॉट नेट में नया
पर्युषण- पर्युषण महाआरती विडियो
आचार्य श्री के प्रवचन के वीडियो- लोभ पाप का बाप, रूप स्वरुप का ज्ञान
वीडियो - भजन (स्वर श्री चिंतन बाकिवाला एवं सुश्री कविता कृष्णमूर्ति)
कैलेंडर - नव वर्ष का कैलेंडर, नव वर्ष का तिथि दर्पण
 
आचार्यश्री अभी ससंघ कुण्डलपुर (म. प्र.) में हैं.
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