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संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवन की वारिधि में रहता है, संवरण करता है, डूबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं। यही भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक, राष्ट्र संत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के जीवन का मंत्र घोष है।
 
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आचार्य श्री
संत कमल के पुष्प के समान लोकजीवन की वारिधि में रहता है, संवरण करता है, डूबकियाँ लगाता है, किंतु डूबता नहीं।
धार्मिक गतिविधियाँ
आचार्य श्री के सान्निध्य में चल रही विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का विवरण।
 

आचार्य श्री १०८ विद्यासागरजी महाराज रामटेक में हैं।
(रामटेक नागपुर से 50 कि.मी. दूर है)
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चातुर्मास कलश की स्थापना 20 जुलाई 2008 को रामटेक में संपन्न होगी ।

आवास एवं भोजन हेतु सम्पर्क:
सतीश जैन (कोयला वाले)
09371227373
प्रकाश चंद्र जैन
09822927255
प्रदीप जैन
07114 - 255117

नागपुर से रामटेक के लिए किराए पर कार लेने के लिए संपर्क करें:
पिंटू - 09422111249